मेरे अपने विचार लेख कविताऐं जिसमे आपको मेरी सोच से कुछ नया दिखाने की मेरी मंसा रहेगी कुछ कड़वी मीठी कसैली बातों से रूबरू लेखों के माध्यम से होना पड़ेगा, कुछ गलत या सही भी लग सकता है और कोशिस यही रहेगी कि आपको कुछ बातों पर सोचने पर विवस तो होना पड़ सकता है। खैर मेरा नाम नगराज चौहान है 65 वर्ष का हूं, ज्यादा पढ़ा लिखा तो नहीं हूँ आपके कमैंट्स कैसे आते है फिर आगे बढ़ने की कोशिस करूँगा उम्र के उस पड़ाव पर हुँ और खाली समय का उपयोग भी करना चाहता हूं, और तो आप पर निर्भर हूं, थैंक्स।